MAHADEV SATTA CASE : Head constable suspended, absconding
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 6,000 करोड़ रुपये के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा कांड में नई गूंज सामने आई है। शनिवार को पुलिस मुख्यालय ने कांकेर जिले में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल विजय कुमार पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई नए सट्टा सिंडिकेट के सक्रिय होने की कोशिशों पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई डीजीपी अरुण देव गौतम और एडीजी (इंटेलिजेंस) अमित कुमार की सीधी निगरानी में की गई। जांच में पाया गया कि विजय पांडे राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों और सट्टेबाजों के बीच ‘लायज़ॉन’ की भूमिका निभा रहे थे और मासिक ‘प्रोटेक्शन मनी’ की वसूली में शामिल थे।
विजय पांडे का नाम नया नहीं है। 2021 में उन्होंने बिना अनुमति दुबई यात्रा की थी, जहां उन्होंने महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से मुलाकात की। इसके अलावा, जेल में बंद निलंबित एएसआई चंद्रभूषण वर्मा ने बताया था कि पांडे नागपुर के हवाला ऑपरेटरों से नकदी लाकर वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाने वाले नेटवर्क का हिस्सा थे।
पुलिस ने निलंबन के बाद पांडे के रहस्यमय लापता होने की जानकारी दी है। इस पर सीबीआई और ईडी ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। राजनांदगांव में हाई अलर्ट जारी है और जमीनी निगरानी के निर्देश एसपी अंकिता शर्मा को दिए गए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या महादेव सट्टा नेटवर्क पूरी तरह खत्म हुआ है या नए सिरे से सक्रिय होने की कोशिश कर रहा है। पुलिस मुख्यालय की त्वरित कार्रवाई यह संकेत देती है कि राज्य सरकार और पुलिस इस नेटवर्क को किसी भी कीमत पर दोबारा पनपने नहीं देंगे।

