Budget 2026: नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किए गए बजट 2026–27 में जहां आम आदमी को राहत देने की कोशिश की है, वहीं सिगरेट, तंबाकू और शराब जैसे उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर सरकार ने कड़ा सामाजिक संदेश भी दे दिया है। बजट के बाद सबसे बड़ा सवाल—क्या सस्ता होगा और क्या महंगा?—अब साफ हो गया है।
सिगरेट-तंबाकू पर महंगाई की मार
बजट 2026 में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों को बड़ा झटका दिया गया है। सरकार ने इन पर एक्साइज ड्यूटी और अतिरिक्त सेस बढ़ाने का ऐलान किया है। अब सिगरेट पर 40% GST के साथ अतिरिक्त शुल्क लगेगा, वहीं प्रति स्टिक टैक्स भी लागू किया गया है।
इसका सीधा असर यह होगा कि सिगरेट और तंबाकू उत्पाद पहले से कहीं ज्यादा महंगे हो जाएंगे।सरकार का तर्क है कि इससे न सिर्फ राजस्व बढ़ेगा, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया जा सकेगा।
शराब पीने वालों को भी झटका
शराब और स्क्रैप/खनिजों की बिक्री पर लगने वाला TCS अब 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया गया है। आने वाले दिनों में शराब और इससे जुड़े उत्पादों के दाम बढ़ सकते हैं।
विदेश यात्रा, पढ़ाई और इलाज हुआ सस्ता
जहां नशे से जुड़ी चीजें महंगी हुईं, वहीं आम जनता को बड़ी राहत भी दी गई। सरकार ने विदेश यात्रा पैकेज, विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर लगने वाला TCS घटाकर सिर्फ 2% कर दिया है, जो पहले 5% से 20% तक था। इससे मिडिल क्लास को सीधी राहत मिलेगी।
दवाइयों पर राहत
बजट 2026 में 17 एंटी-कैंसर दवाओं और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है। इससे गंभीर मरीजों का इलाज सस्ता होगा और आर्थिक बोझ कम पड़ेगा।
राहत और जिम्मेदारी का संतुलन
कुल मिलाकर बजट 2026–27 में सरकार ने एक तरफ स्वास्थ्य और जरूरत की चीजों को सस्ता रखने की कोशिश की है, तो दूसरी तरफ सिगरेट, तंबाकू और शराब को महंगा कर समाज को साफ संदेश दिया है—

