SHIVRAJ SINGH CHOUHAN : Shivraj attacks Congress in Raipur, fight escalates with Kaka-Baba
रायपुर। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायपुर दौरे के दौरान कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं का एकमात्र काम सरकार के हर अच्छे फैसले का विरोध करना रह गया है। कांग्रेस के नेता आपस में ही लड़ रहे हैं और इस अंदरूनी खींचतान में सबसे ज़्यादा नुकसान जमीनी कार्यकर्ता का हो रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में पहले काका और बाबा की लड़ाई चलती थी, अब प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री आमने-सामने हैं। पार्टी की अंदरूनी राजनीति ने कांग्रेस को कमजोर कर दिया है और इसका खामियाजा कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
जीरामजी योजना पर कांग्रेस को घेरा
जीरामजी योजना को लेकर कांग्रेस के विरोध पर शिवराज ने कहा कि गरीबों और मजदूरों के लिए वीबी जीरामजी योजना किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने भूपेश बघेल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले एक ही सड़क को बार-बार बनाया जाता था, लेकिन अब हर पैसा गांवों और विकास कार्यों में लगाया जाएगा।
केंद्रीय बजट पर बड़ा बयान
1 फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट को लेकर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो रहा है और यह बजट देश को विकास की नई रफ्तार देगा।
रायपुर में समीक्षा बैठक, किसानों से सीधा संवाद
केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि राजधानी में समीक्षा बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम और पंचायत मंत्री विजय शर्मा शामिल होंगे। बैठक में कृषि रोडमैप पर चर्चा की जाएगी।
इसके बाद शिवराज सिंह चौहान दुर्ग जिले के गिरहोला और खपरी गांव का दौरा करेंगे। खेत भ्रमण, पौधरोपण और किसानों से संवाद के साथ-साथ कुम्हारी में आयोजित किसान मेले में भी शामिल होंगे।
राम मंदिर और शंकराचार्य विवाद पर बयान
राम जन्मभूमि प्राण-प्रतिष्ठा को उन्होंने ऐतिहासिक और स्वर्णिम क्षण बताया। सोमनाथ मंदिर के एक हजार वर्ष पूरे होने पर स्वाभिमान पर्व को भी ऐतिहासिक कदम कहा।
शंकराचार्य विवाद पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी शंकराचार्य एक-दूसरे के खिलाफ बयान नहीं दे रहा है, प्रयाग में बयान देने वाला व्यक्ति शंकराचार्य था ही नहीं।
कुल मिलाकर रायपुर दौरे में शिवराज सिंह चौहान का फोकस कांग्रेस पर तीखे हमले, केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रचार और किसानों से सीधा संवाद रहा।

