150 एकड़ जमीन बेचने का प्रचार पड़ा भारी, गोदरेज की नवा रायपुर प्रापर्टी के विज्ञापन पर लगया जुर्माना

Date:

रायपुर। राजधानी में करीब 150 करोड़ की सरकारी जमीन को गलत तरीके से नामांतरण करने का विवाद थम नहीं रहा है. अब इस मामले में छत्तीसगढ़ रेरा ने सख्त तेवर दिखाते हुए सोशल मीडिया पर विज्ञापन प्रकाशित करने पर प्रति दिवस 10 हजार रुपए के हिसाब से जुर्माना किया गया है. यह दंड 88 लाख 55 हजार की सीमा तक देय होगा. यह जुर्माना सभी सोशल मीडिया से विज्ञापन हटाने तक चलता रहेगा.

छत्तीसगढ़ रेरा को सोशल मीडिया से इस तरह की जानकारी मिली कि कंपनी की प्रॉपर्टी पर रोक होने के बावजूद उसके एजेंट प्रॉपर्टी को खरीदी-बिक्री के लिए विज्ञापन कर रहे हैं. लगातार विज्ञापन के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद रेरा अध्यक्ष संजय शुक्ला ने इस पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ रेरा ने कंपनी के एजेंटों को बुलाया. रेरा में हुई सुनवाई में यह तथ्य सामने आया कि दीक्षांत राठौर (पुणे महाराष्ट्र), बलराम शशिकांत झा ( मीरा रोड ईस्ट पुणे), प्रॉपर्टी क्लाउड रियलिटी स्पेशिफायर प्रालि (मुंबई महाराष्ट्र) और अतुल्यम इंफ्राटेक प्रालि (शकुरपुरा दिल्ली ) ने सोशल मीडिया गोदरेज प्रॉपर्टी से संबंधित विज्ञापन पोस्ट किए.

बीते साल क्रय-विक्रय पर लगाई थी रोक

बता दें कि इसके पहले बीते साल सितंबर महीने में छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड की स्वामित्व वाली भूमि के क्रय-विक्रय और विज्ञापनों पर रोक लगा दी थी.

रेरा के अनुसार, रायपुर तहसील के ग्राम डोमा स्थित करीब 50 एकड़ भूमि (खसरा क्रमांक 213/2, 213/125, 15016, 15017/1 आदि) को सोशल मीडिया और अन्य विज्ञापनों के जरिए बेचे जाने की जानकारी मिली थी. जांच में पाया गया कि इस परियोजना का रेरा में पंजीकरण ही नहीं कराया गया है.

रेरा अधिनियम 2016 की धारा-3 के तहत, बिना पंजीकरण किसी भी रियल एस्टेट परियोजना की बिक्री, प्रचार-प्रसार या विज्ञापन करना प्रतिबंधित है. इस नियम का उल्लंघन मानते हुए प्राधिकरण ने क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी थी.

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related