बिलासपुर : ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) ने बिजली क्षेत्र के निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल का औपचारिक नोटिस केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को सौंप दिया है। इस आंदोलन में राज्य विद्युत निगमों सहित विभिन्न केंद्रीय संस्थानों में कार्यरत बिजली अभियंता एवं कर्मचारी शामिल होंगे।
AIPEF के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 सार्वजनिक बिजली व्यवस्था, सस्ती बिजली, संघीय ढांचे और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बजट सत्र के दौरान यह बिल संसद में पेश किया गया तो बिजली अभियंता और कर्मचारी तत्काल “लाइटनिंग एक्शन” शुरू करेंगे।
फेडरेशन ने कहा कि वितरण क्षेत्र में मल्टी-लाइसेंसिंग, जबरन स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग, ट्रांसमिशन में PPP मॉडल और ठेका प्रथा से बिजली क्षेत्र अस्थिर हो रहा है। AIPEF ने विभिन्न राज्यों में हुए निजीकरण के प्रयोगों को असफल बताते हुए सरकार से इन नीतियों को वापस लेने की मांग की है।
शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि यदि सरकार ने गंभीर संवाद नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह केंद्र सरकार की होगी।

