CHHATTISGARH : State government signs MoU with Sathya Sai Trust to promote skill development in healthcare
रायपुर, 1 जनवरी 2026। राज्य में रोजगार, कौशल और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण और श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस एमओयू का उद्देश्य राज्य में हेल्थकेयर सेक्टर का विस्तार करना, गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करना और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करना है। समझौते के तहत स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे आधुनिक चिकित्सा जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कार्यबल तैयार हो सकेगा।
समझौते के अंतर्गत हेल्थकेयर प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी, जहां युवाओं को आवासीय और गैर-आवासीय दोनों तरह के निःशुल्क प्रशिक्षण दिए जाएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं का कौशल उन्नयन कर उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के लिए सक्षम बनाना है।
एमओयू के तहत मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, कार्डियोलॉजी तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन, कार्डियक केयर तकनीशियन और इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इन कोर्स के जरिए युवाओं को विशेषज्ञता के साथ हेल्थकेयर सेक्टर में करियर बनाने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास को विकास की रीढ़ मानती है और हेल्थकेयर सेक्टर की जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास पर आधारित यह साझेदारी दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में सहायक साबित होगी। प्रशिक्षित युवा अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और आपातकालीन सेवाओं में अहम भूमिका निभा सकेंगे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष सी. श्रीनिवास सहित ट्रस्ट के प्रतिनिधि और कौशल विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

