SAM PITRODA: Pitroda’s statement exposes Congress’s ‘global alliance’, accuses Rahul of being associated with anti-India forces.
नई दिल्ली, 27 दिसंबर। भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सैम पित्रोदा के एक साक्षात्कार से कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस एक ऐसे वैश्विक गठबंधन का हिस्सा है, जो भारत विरोधी विमर्श को बढ़ावा देता है, और राहुल गांधी उसी गठबंधन के सहारे सत्ता में लौटने के सपने देख रहे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि कांग्रेस के विदेश विभाग के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने अनजाने में यह खुलासा कर दिया कि कांग्रेस ‘ग्लोबल प्रोग्रेसिव अलायंस’ की आधिकारिक सदस्य है और राहुल गांधी इसके अध्यक्षीय मंडल में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हाल ही में जर्मनी जाकर इसी गठबंधन की बैठक में शामिल हुए थे।
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि यह ग्लोबल प्रोग्रेसिव अलायंस उन संगठनों के नेटवर्क से जुड़ा है, जो लगातार भारत विरोधी नैरेटिव गढ़ने में लगे हुए हैं। भाजपा नेता ने मांग की कि कांग्रेस साफ करे कि इस गठबंधन में उसकी भूमिका क्या है और वह किन उद्देश्यों के तहत इसमें शामिल है।
उन्होंने राहुल गांधी की जर्मनी यात्रा के दौरान बर्लिन स्थित हर्टी स्कूल की अध्यक्ष प्रोफेसर कॉर्नेलिया वोल से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि वोल सेंट्रल यूरोपियन यूनिवर्सिटी की ट्रस्टी भी हैं, जिसे अमेरिकी अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस की ओपन सोसाइटी फाउंडेशन से फंडिंग मिलती है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जनवरी 2020 में दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान जॉर्ज सोरोस ने खुले तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए राष्ट्रवादी ताकतों को कमजोर करने के लिए एक अरब डॉलर खर्च करने की बात कही थी। ऐसे में कांग्रेस नेताओं का ऐसे नेटवर्क से जुड़ना गंभीर सवाल खड़े करता है।
त्रिवेदी ने पित्रोदा के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जीपीए 110 देशों के लोकतंत्रों का गठबंधन है। भाजपा नेता ने कहा कि पश्चिमी देशों के अलावा दुनिया में गिने-चुने देश ही लगातार जीवंत लोकतंत्र हैं, ऐसे में कांग्रेस बताए कि वे 110 देश कौन-से हैं, जो लोकतंत्र की आड़ में भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने जर्मनी में फ्रेडरिक एबर्ट स्टिफ्टंग के मंच से भारत विरोधी बयान दिए, जबकि यह संगठन रूस में प्रतिबंधित है। त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा कि जब कोई नेता प्रतिबंधित संगठनों के मंच से भाषण देगा, तो वह यह शिकायत कैसे कर सकता है कि उसे किसी देश के नेता से मिलने का मौका नहीं मिला।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अब भारतीय राजनीति में भारत विरोधी वैश्विक ताकतों के स्थायी प्रवक्ता बनते जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान हमेशा भारत विरोधी संगठनों और व्यक्तियों से ही क्यों मिलते हैं, भारत समर्थक संस्थानों और विचारकों से क्यों नहीं।
अंत में त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस अब विचारधारा आधारित पार्टी नहीं रही, बल्कि सत्ता के लिए किसी भी हद तक जाने वाली नेता-प्रधान पार्टी बन चुकी है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की स्थिति की तुलना ऐसे खिलाड़ियों से की, जो अपनी नाकामी के लिए अंपायर को दोष देते हैं, जबकि खुद तैयारी नहीं करते।

