KORBA NEW COLLECTOR : कोरबा को सुधारने सरकार का बड़ा दांव, धाकड़ कलेक्टर के हाथ कमान

Date:

KORBA NEW COLLECTOR : The government’s big move to improve Korba, a powerful collector in charge

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मंगलवार शाम 11 IAS अधिकारियों के तबादले किए, जिसमें छह जिलों के कलेक्टर बदले गए। इस फेरबदल में सबसे अहम जिम्मेदारी 2017 बैच के IAS अधिकारी कुणाल दुदावत को दी गई है। सरकार ने उन्हें दंतेवाड़ा से हटाकर कोरबा जिले का नया कलेक्टर बनाया है। कोरबा को लंबे समय से प्रशासनिक चुनौतियों और माफिया गतिविधियों का गढ़ माना जाता रहा है, ऐसे में यह नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है।

इस तबादले में अंबिकापुर कलेक्टर भोस्कर विलास संदीपन को हटाकर अतिरिक्त निर्वाचन पदाधिकारी बनाया गया है, जिसे प्रशासनिक हलकों में बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं 2019 बैच की नम्रता जैन और अमित कुमार को पहली बार कलेक्टर की जिम्मेदारी मिली है। नम्रता जैन को नारायणपुर और अमित कुमार को सुकमा का कलेक्टर बनाया गया है।

अजीत बसंत हटे, कुणाल की एंट्री

कोरबा के मौजूदा कलेक्टर अजीत बसंत पिछले कुछ महीनों से विवादों में थे। पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने उन्हें हटाने की मांग को लेकर धरना तक दे दिया था। हालांकि सरकार उन्हें अचानक हटाकर गलत संदेश नहीं देना चाहती थी, क्योंकि अजीत बसंत की छवि ईमानदार अधिकारी की रही है। अंततः सरकार ने उन्हें कोरबा से हटाकर अंबिकापुर भेज दिया और उनकी जगह कुणाल दुदावत को जिम्मेदारी सौंपी।

रिजल्ट ओरिएंटेड अफसर की पहचान

कुणाल दुदावत को एक सख्त, धाकड़ और रिजल्ट देने वाले अफसर के तौर पर जाना जाता है। कलेक्टर के रूप में कोरबा उनका तीसरा जिला है। इससे पहले वे कोंडागांव और दंतेवाड़ा में कलेक्टर रह चुके हैं। कोंडागांव में रहते हुए उन्होंने पर्यटन को नई पहचान दी। टाटामारी पर्यटन स्थल को जिस तरह से विकसित किया गया, आज वह चित्रकोट के बाद सबसे ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।

दंतेवाड़ा में महज आठ महीने के कार्यकाल में ही उन्होंने अपनी छाप छोड़ दी। हाल ही में आई भीषण बाढ़ के दौरान वे लगातार 48 घंटे फील्ड में डटे रहे, जिससे संभावित बड़े नुकसान को टाला जा सका। सरकार ने उनके इस काम को गंभीरता से नोट किया।

कांग्रेस शासन में भी दिखाया दम

पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान जब ज्यादातर अफसर बैकफुट पर थे, तब कुणाल दुदावत ने बिलासपुर नगर निगम कमिश्नर रहते हुए कई बड़े और साहसिक फैसले लिए। उन्होंने प्रभावशाली उद्योगपतियों से टकराव मोल लेते हुए 70 साल पुराने अवैध कब्जों को हटवाया और करीब तीन किलोमीटर लंबी नई सड़क बनवाई। रेलवे लाइन के लिए कब्जाई गई जमीन को भी उन्होंने खाली करवाया। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां फैसला नगर निगम के पक्ष में आया। बिलासपुर के लोग आज भी उनके काम को याद करते हैं।

क्यों कुणाल पर लगी मुहर

कोरबा जैसे बड़े और संवेदनशील जिले में सरकार को ऐसे अफसर की जरूरत थी, जो माफियाओं पर लगाम लगा सके। इसके लिए दो नाम चर्चा में थे, रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह और कुणाल दुदावत। आखिरकार सरकार ने कुणाल के नाम पर मुहर लगा दी।

कौन हैं IAS कुणाल दुदावत

कुणाल दुदावत 2017 बैच के IAS अधिकारी हैं और छत्तीसगढ़ कैडर में पदस्थ हैं। वे मूल रूप से राजस्थान के सवाई माधोपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने IIT मुंबई से पढ़ाई की है और देश-विदेश की मल्टीनेशनल कंपनियों में काम कर चुके हैं। तीसरे प्रयास में उन्होंने UPSC परीक्षा पास की। खास बात यह है कि वे भारतीय वन सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के लिए भी चयनित हुए थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related

CG CONGRESS BREAKING : कांग्रेस सूची जारी …

CG CONGRESS BREAKING : Congress list released ... रायपुर। लंबे...

CG ASSISTANT TEACHER : 1600 पद खाली, युवा आमरण अनशन पर …

CG ASSISTANT TEACHER : 1600 posts vacant, youth on...

CHANDRAYAAN 4 : चंद्रयान-4 के लिए साउथ पोल साइट तय

CHANDRAYAAN 4 : South Pole site finalised for Chandrayaan-4 नई...