COAL LEVY SCAM: Major action in coal levy scam, Rakesh Jain arrested from Raipur
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी घोटाले में ईओडब्ल्यू ने बुधवार को एक और अहम गिरफ्तारी की है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने राकेश कुमार जैन को रायपुर से पकड़ा है, जिस पर फर्जी कंपनियों के नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध राशि को लेयरिंग कर आगे भेजने का आरोप है। जैन को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की धारा 120बी, 384 और 420 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
फर्जी कंपनियों के सहारे 50 करोड़ से ज्यादा की खेलबाड़ी
जांच में सामने आया कि जैन ने अपने, अपने साले, कर्मचारियों और परिचितों के नाम पर दर्जनभर से ज्यादा शेल कंपनियां बना रखी थीं। इन्हीं कंपनियों के जरिए अवैध वसूली का पैसा वैध दिखाया जाता था। ईओडब्ल्यू का कहना है कि जैन हवाला चैनलों की मदद से यह रकम मुख्य आरोपियों तक पहुंचाता था और इसके बदले मोटा कमीशन लेता था।
सूर्यकांत तिवारी और अनवर ढेबर से लिंक
अधिकारियों के मुताबिक जैन ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि नकद निकालकर घोटाले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाई। इसके अलावा वह लिकर घोटाले से जुड़े आरोपी अनवर ढेबर तक भी “एंट्री” के जरिए रकम वैध दिखाने का काम करता था। इस लिंक की आगे जांच जारी है।
पहले से वांछित, कई मामलों में आरोपी
राकेश जैन के खिलाफ कोतवाली व मौदहापारा थाने में भी अपराध दर्ज हैं और वह लंबे समय से फरार था। ईओडब्ल्यू काफी समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।
19 दिसंबर तक पुलिस रिमांड
गिरफ्तारी के बाद जैन को 12 दिसंबर को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 19 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अब ईओडब्ल्यू उससे अवैध वसूली की पूरी चैन, रकम के अंतिम गंतव्य और बाकी वित्तीय लिंक की पड़ताल करेगी।

