BIHAR POLITICS: पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद RJD में चल रहे परिवारिक विवाद के बीच सोमवार को पार्टी की अहम बैठक हुई। इस बैठक में लालू प्रसाद यादव ने पहली बार तेजस्वी यादव और बेटी रोहिणी आचार्य के बीच हुए विवाद का जिक्र किया। उन्होंने नेताओं से साफ कहा, “यह हमारे घर का मामला है। हर घर में ऐसी बातें होती हैं। इसे हम घर में ही सुलझा लेंगे। मैं इसके समाधान के लिए मौजूद हूं।”
राबड़ी देवी, मीसा भारती और जगदानंद सिंह सहित RJD के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुई इस बैठक में तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। लालू ने तेजस्वी की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार चुनाव में पार्टी के लिए काफी प्रयास किए और संगठन को आगे बढ़ाया।
करीब चार घंटे चली इस समीक्षा बैठक में तेजस्वी यादव ने विजेता और पराजित उम्मीदवारों से सीधी बातचीत की। लालू प्रसाद ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी अब नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाएंगे। बैठक में चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती देने पर भी चर्चा हुई। महागठबंधन के नेताओं से विचार-विमर्श के बाद इस पर अंतिम फैसला किया जाएगा।
उजियारपुर विधायक आलोक मेहता ने कहा कि समीक्षा की जा रही है कि किन-किन जगहों पर मैनिपुलेशन और लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हुआ।
वहीं, पूर्व विधायक अख्तरुल ईमान शाहीन ने कहा कि चुनाव परिणाम अप्रत्याशित रहे। मतदान से पहले महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए और बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। इस पर आगे रणनीति बनाई जाएगी।
गौरतलब है कि 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में RJD सिर्फ 25 सीटें जीत सकी, जो 2010 के बाद पार्टी का दूसरा सबसे कमजोर प्रदर्शन है। परिणामों के बाद से ही RJD में राजनीतिक और पारिवारिक उथल-पुथल जारी है।

