CG COAL PROTEST : Tribals furious against coal mine, villagers stand on road with newborns
रायगढ़, 8 नवंबर। धरमजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पुरूंगा में प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना को लेकर ग्रामीणों का विरोध अब उग्र रूप ले चुका है। पहले अंबुजा सीमेंट की रही यह खदान अब अडानी ग्रुप के अधीन है, जिसके खिलाफ हजारों की संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, बुज़ुर्ग और नवजात बच्चे तक सड़कों पर उतर आए हैं।
आगामी 11 नवंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई को रद्द करने की मांग को लेकर शुक्रवार सुबह से ही ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रशासन की चुप्पी के बीच लोगों ने पूरी रात खुले आसमान के नीचे भूखे-प्यासे सर्द रात में गुजारी। महिलाओं और नवजात बच्चों ने भी सड़क पर रात बिताकर विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों का कहना है कि कोयला खदान से भूमि, जलस्रोत और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ेगा। जब तक स्पष्ट जवाब नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। यह विरोध अब तक का सबसे बड़ा आदिवासी जनआंदोलन बताया जा रहा है, जिसमें 12 से अधिक गांवों के लोग शामिल हैं।
राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिला
धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस विधायक लालजीत सिंह राठिया ने साय सरकार को घेरते हुए कहा कि “सरकार जल-जंगल-जमीन को उद्योगपतियों के हाथों गिरवी रख रही है।” उन्होंने इस परियोजना को “जनविरोधी और आदिवासी विरोधी” करार दिया।
प्रदर्शनकारियों की चेतावनी
शनिवार दोपहर तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि वे अब गांवों की ओर लौट रहे हैं और बिना सहमति किसी अधिकारी या कंपनी प्रतिनिधि को गांव में प्रवेश नहीं करने देंगे।
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है, हालांकि अब तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

