तमिलनाडु भगदड़: एक्टर विजय ने लगाया डीएमके पर साजिश का आरोप, सीबीआई जांच की मांग…

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नई दिल्ली। अभिनेता और टीवीके चीफ विजय ने शनिवार को करूर में हुई रैली में भगदड़ के पीछे डीएमके की साजिश का आरोप लगाया है। डीएमके के वकील ने कहा कि पार्टी ने मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसनें अदालत से एसआईटी गठित करने या मामले को सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया है।

 

टीवीके की कानूनी शाखा के स्टेट कॉर्डिनेटर अरिवाझगन ने कहा कि वे कल उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ के सामने यह मामला उठाएंगे। उन्होंने एनडीटीवी से कहा, “करूर की घटना में एक साजिश, एक आपराधिक साजिश थी, इसलिए हमने हाईकोर्ट से मामले की स्वतंत्र रूप से जांच करने का अनुरोध किया है, न कि किसी राज्य एजेंसी से।

 

भगदड़ के पीछे डीएमके की साजिश – टीवीके

यह पूछे जाने पर कि क्या टीवीके को राज्य पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है, वकील ने जवाब दिया, “यह एक आपराधिक साजिश थी। हमें स्थानीय लोगों से विश्वसनीय जानकारी मिली है और हमारे पास कुछ सीसीटीवी फुटेज भी हैं। इनसे पता चलता है कि करूर जिले में सत्तारूढ़ पार्टी के कुछ पदाधिकारियों ने आपराधिक साजिश रची थी।”

याचिका में पीड़ित ने कहा, भगदड़ को दौरान उन्हें चोट आईं हैं और यह घटना मात्र दुर्घटना नहीं हैं बल्कि लापरवाही, घोर कुप्रंधन और सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह उपेक्षा का प्रत्यक्ष प्रमाण है। करूर में विजय की रैली में हुई भगदड़ के दौरान 40 लोगों की मौत हो गई और लगभग 100 लोग घायल हो गए हैं।

टीवीके की रैलियों पर रोक की मांग

सेंथिलकन्नन ने कोर्ट से तमिलनाडु पुलिस को टीवीके की किसी भी रैली को इजाजत देने से रोकने की अपील की है और तर्क दिया है कि जब सार्वजनिक सुरक्षा दांव पर हो तो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार को एकत्रित होने के अधिकार पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

 

BNS की कई धाराओं में केस दर्ज

पीड़ित ने याचिका में घटना के संबंध में करूर टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR का भी हवाला दिया है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें गैर-इरादतन हत्या का मामला भी शामिल है। याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि दोबारा अनुमति देने से पहले जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

 

रैली में भगदड़ से 40 लोगों की मौत

शनिवार को टीवीके प्रमुख विजय की करूर के वेलुस्वामीपुरम में हुई रैली में भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 40 लोगों की मौत हो गई, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। तमिलनाडु पुलिस के डीजीपी जी वेंकटरमन के स्वीकार किया है कि अप्रत्याशित रूप से भारी भीड़ के बावजूद, रैली स्थल पर 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।

 

घटना की न्यायिक जांच के आदेश

भगदड़ को लेकर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने जस्टिस अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने टीवीके के महासचिव एम आनंद समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

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