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झोलाछाप डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा : अवैध क्लिनिकों पर मारा छापा, सिर्फ नोटिस थमाकर लौटी टीम

गरियाबंद। जिले के मैनपुर ब्लॉक में झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लिनिकों पर जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दबिश दी। छापेमारी के दौरान कई ठिकानों से दवाएं, इंजेक्शन और उपचार के उपकरण मिले, लेकिन ठोस कार्रवाई के बजाय संचालकों को सिर्फ नोटिस थमाकर टीम लौट गई। हाल ही में पेंड्रा में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से एक युवक की मौत के बाद यह कार्रवाई तेज हुई है।

दरअसल, कलेक्टर के निर्देश पर बुधवार को जिला स्वास्थ्य अधिकारियों की एक टीम मैनपुर ब्लॉक में छापा मार कार्रवाई करने निकली थी। नर्सिंग एक्ट के नोडल डॉक्टर हरीश चौहान के नेतृत्व में 5 सदस्यीय टीम ने पहले मैनपुर मुख्यालय से 100 मीटर दूर संचालित सरकार क्लिनिक में दबिश दिया। फिर अमलीपदर मुख्य मार्ग में भाठीपारा में एक कमरे में संचालित मल्टी स्पेशलिटी क्लिनिक पहुंची टीम। दोनों जगह पर संचालक अपने मेडिकल कारोबार को चलाने बगैर अनुमति के क्लिनिक का संचालन कर रहे थे। यहां दवा, उपचार के इंस्ट्रूमेंट, ओपन नीडल के अलावा क्लिनिक संचालन के कई प्रमाण मिले।

 

टीम पहुंचने से पहले स्कूल में छुपाए उपकरण
अगले पड़ाव में मेडिकल टीम सरना बहाल पहुंची। यहां के स्कूल में पढ़ाने वाला एक शिक्षक द्वारा उपचार करने की जानकारी मिली। उसके ठिकाने पर छापेमारी में दवा और उपचार के प्रमाण मिले। बताया जाता है कि टीम जब 6 किमी दूर भाठीपारा में कार्रवाई कर रही थी, उसकी भनक मास्टर को लग गई। आनन-फानन में मास्टर ने अपने कथित क्लिनिक से सारा आपत्तिजनक सामग्री समेट लिया, कई इंस्ट्रूमेंट को स्कूल की लैब में छुपाया। और फिर जब टीम पहुंची तो जिन सामग्रियों को बरामद किया गया, उसे निजी उपयोग के लिए रखना बता दिया।

छापेमारी की भनक लगी तो कईयों के दरवाजे बंद हो गए
मैनपुर ब्लॉक में अमलीपदर क्षेत्र में 30 से ज्यादा झोलाछाप सक्रिय हैं। कुछ बड़े तो कुछ छोटे। राजनीतिक रसूख प्राप्त दुकान खोलकर उपचार कर रहे जिन्हें मेडिकल संचालकों से ताकत मिली है वे चलते-फिरते उपचार कर रहे। गोहरापदर के कुछ मेडिकल संचालक कई झोलाछाप को बैकअप देकर अपनी दुकानें चलवा रहे। ऐसे लोग टीम की आने की भनक मिलते ही दुबक गए। खडारीपारा के वेटरनरी जो मानव का इलाज करता है, वो भी दुबका। वहीं अमलीपदर के अंजना क्लिनिक के दरवाजे में भी ताला लटका मिला।

दो झोलाछाप के खिलाफ एफआर दर्ज
अमलीपदर इलाके में क्लिनिक संचालन करने वाले संजू मंडल और बबलू तांडी द्वारा गरियाबंद के पेंड्रा में 40 वर्षीय युवक का बवासीर इलाज किया गया था। 20 अगस्त को उपचार करने गए झोलाछाप 30 हजार में सौदा किए हुए थे। 23 अगस्त को पीड़ित पुरुषोत्तम ध्रुव की तबीयत बिगड़ी तो पूरी फीस लिए बगैर लहूलुहान हालत में पीड़ित को बंद कमरे में छोड़ भाग गए थे, जिससे उसकी मौत हो गई थी। 26 जुलाई को कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है। लेकिन इस घटना के बाद अमलीपदर इलाके में बेखौफ झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई का निर्देश कलेक्टर ने दिया था।

नोटिस दी जा रही है, जिन्हें संचालन करना है वे नर्सिंग एक्ट के तहत पंजीयन कराएंगे
टीम को लीड कर रहे जिला नर्सिंग एक्ट के नोडल अफसर हरीश चौहान ने बताया कि जहां भी हमें नियम विरुद्ध संचालन के प्रमाण मिले, उन्हें नोटिस दी जा रही है। जिन्हें संचालन करना है उन्हें विधिवत लाइसेंस लेना पड़ेगा। अवैध क्लीनिकों के संचालन की सूचना पर आगे भी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

 

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