Ranveer Allahbadia India’s got latent case: मुंबई। इंडियाज गॉट लेटेंट प्रोग्राम में विवादित टिप्पणी करने वाले पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया ने कहा है कि वो अब अपने शो में शालीनता बनाए रखेंगे। मंगलवार को शीर्ष अदालत में एक हलफनामा दायर कर उन्होंने ये बात कही। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव चंद्रचूड़ ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ को बताया कि उनके मुवक्किल ने एक हलफनामा दाखिल किया है और मामले की जांच में शामिल हो गए हैं।
अभिनव चंद्रचूड़ ने शीर्ष अदालत की उस शर्त में संशोधन की मांग की, जिसमें रणवीर इलाहाबादिया को अपना पासपोर्ट जमा करने को कहा गया था और कहा कि इससे उनकी आजीविका प्रभावित होगी।
पासपोर्ट के लेकर रणवीर के वकील ने क्या दी दलील?
वकील ने कहा कि रणवीर इलाहाबादिया को विभिन्न लोगों के इंटरव्यू के लिए विदेश यात्रा करनी पड़ती है। इस पर सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने कहा कि अगर इलाहाबादिया विदेश चले गए तो इससे जांच प्रभावित होगी और उन्होंने महाराष्ट्र तथा असम सरकारों का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से जांच पूरी करने की समय-सीमा के बारे में पूछा।
मेहता ने कहा कि हालांकि उन्होंने इस संबंध में कोई निर्देश नहीं मांगा है, लेकिन जांच दो सप्ताह में पूरी होने की संभावना है। पीठ ने कहा कि वह पासपोर्ट जारी करने के लिए इलाहाबादिया की अपील पर दो सप्ताह बाद विचार करेगी।
पॉडकास्ट शुरू करने को लेकर कोर्ट ने क्या रखी शर्तें?
कोर्ट ने इससे पहले उन्हें फिलहाल विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और पिछले महीने कहा था कि मामले की जांच में शामिल होने के बाद उनकी प्रार्थना पर विचार किया जाएगा। बता दें कि 3 मार्च को शीर्ष अदालत ने इलाहाबादिया को अपने पॉडकास्ट “द रणवीर शो” को फिर से शुरू करने की अनुमति दी, बशर्ते कि “नैतिकता और शालीनता” बनाए रखी जाए और इसे सभी उम्र के दर्शकों के लिए उपयुक्त बनाया जाए।
बीयरबाइसेप्स के नाम से लोकप्रिय इलाहाबादिया पर कॉमेडियन समय रैना के यूट्यूब शो “इंडियाज गॉट लेटेंट” पर माता-पिता और सेक्स पर टिप्पणी करने के लिए मामला दर्ज किया गया था । 18 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबादिया को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान करते हुए उनकी टिप्पणियों को “अश्लील” बताया था और कहा था कि उनके बयान ने समाज को शर्मसार किया है।

