CG NEWS : पंडरिया स्वास्थ्य केंद्र में बड़ा घोटाला! पूर्व बीएमओ स्वप्निल तिवारी पर लाखों के गबन का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

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CG NEWS: Big scam in Pandariya Health Center! Former BMO Swapnil Tiwari accused of embezzlement of lakhs, demand for impartial investigation intensified

हिमांशु सिंह ठाकुर/कवर्धा. पंडरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पूर्व में रहे पूर्व बी.एम.ओ. डा. स्वपनिल तिवारी द्वारा जीवनदीप समिति पंडरिया में दोनो वित्तीय वर्षों में जीवनदीप समिति में बिना जीवनदीप समिति की बैठक आयोजन किये स्वयं के निर्णय पर बिना नियम के पालन किये अंधाधुंध अकारण व्यय का बिल लगाकर शासकीय राशि गबन किया गया परंतु लगातार मामले की जांच की मांग होने पर भी भ्रष्ट पूर्व बीएमओ पर कार्यवाही नही की गई जो संसय का विषय लगातार लोगों में बनी रही वही आपको बता दे कि पूर्व बीएमओ स्वप्निल तिवारी द्वारा प्रत्येक वित्तिय वर्ष में पंडरिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर 2 साधारण सभाः जिसका कि अध्यक्ष स्थानीय विधायक होते है बावजूद 4 कार्यकारिणी समिति, जिनका कि अध्यक्ष स्थानीय अनुविभागीय अधिकारी (रा.) होते है परंतु बिना बैठक आयोजित किये अस्पताल के रख रखाव व उन्नयन एवं लोकहित में राशि-व्यय किये जाने हेतु समितियों द्वारा प्रस्ताव और व्यय को अनुमोदित किया जाता है जहां व्यय में ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बात यह होती है जहां पूरा ध्यान अस्पताल और इलाज हेतु भर्ती मरीजों की सुख सुविधायों का सम्पूर्ण ध्यान रखा जाता है वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया में दोनो वित्तीय वर्षों में सिर्फ एक बार साधारण सभा की बैठक दिनांक 24/05/23 को वर्ष 2022-23 वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद बैठक रखकर सिर्फ खानापूर्ति की गई वही वित्तीय वर्ष 2022-2023 में साधारण सभा और कार्यकारीणी सभा के बिना बैठक के बिना पूर्व बी एम. ओ. स्वपनिल तिवारी द्वारा विद्युत मद में लगभग 150,000 / रु. दवाई और उपकरण क्रय में लगभग 200,00० रू और शासकीय वाहन कं० 5060 की रिपेयरिंग डेटिंग, पेंटिंग आदि के 10,0000 रु का व्यय व अस्पताल मरम्मत के नाम पर लगभग 150,000 रूः का व्यय नियम विपरीत व्यय के नाम पर फर्जी बिल लगाकर फर्जी भुगतान दिखाकर राशि गबन किया गया वही अस्पताल हेतु दवाई और उपकरण हेतु राज्य सरकार की संस्था CGMSC कार्यरत है वही सभी उपकरण और दवाइयां शासकीय अस्पतालों में पूर्ति करती है विशेष परिस्थितियों में CGMSC में दवाइया एवं उपकरण नहीं होने की स्थिति में कोई भी संस्था CGMSC से एन.ओ.सी लेकर ही दवाइ‌यों व उपकरण क्रय कर सकता है परन्तु बिना CGMSC से एन.ओ.सी. व बिना जीवन दीप समिति की बैठक के फर्जी बिल लगाकर राशि गबन कर लिया गया बता दे कि पूर्व बी.एम.ओ. को जीवनदीय समिति से अलग अलग मद में अधिकतम राशि 50,000 रु तक व्यय कीये जाने का अधिकार होता है जहां अपनी वित्तीय सीमा से अधिक व्यय किया गया परंतु कोई जांच नही की गई वही भाजपा मंडल के नेता रितेश सिंह ठाकुर द्वारा भी लगातार पूर्व बीएमओ स्वप्निल तिवारी पर आरोप लगते रहे परन्तु कोई जांच नही की गई वही कांग्रेस के शासन में भ्रष्ट पूर्व बीएमओ को कांग्रेस का काफी सहयोग मिलता रहा वही बता दे कि रेगुलर स्टेशनरी होने के बावजूद सिर्फ खानापूर्ति के लिए स्टेशनरी के नाम पर बिल लगाकर लाखो रुपये का फर्जी बिल भुगतान किया गया अगर इन सभी कागजो की जांच की जाए तो पूर्व बीमाओ स्वप्निल तिवारी के भ्रष्टाचार के मामले सामने आ जाएंगे वही बता दे कि पूर्व बीएमओ स्वपनिल तिवारी के ऊपर भ्रष्टाचार के और कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार के आरोप लगते रहे है जिसे लगातार समाचार पत्रों में प्रकाशित भी किया गया जहां स्वपनिल तिवारी द्वारा आम लोगो व मरीजों से भी दुर्व्यवहार किया जाता रहा है उनके स्थानीय कांग्रेसी नेताओं से अपनी घनिष्टता व पारिवारिक रूप से काग्रेसी पृष्ठभूमि से जुड़े रहने के कारण तथा पूर्ववती कांग्रेसी शासन में अपनी गहरी पैट रखने के कारण BMO पद पर बने रहे वही सरकार बदलते ही उन्हें पद मुक्त कर वापस कवर्धा मूलपद मेडिकल आफिसर जिला-चिकित्सालय भेज दिया गया परंतु भ्रष्टाचार की जांच तक नहीं की गई जिला चिकित्सालय में फर्जी मेडिकल कांड में भी स्वपनिल तिवारी आरोपी है जिसकी जांच अब तक चल रही है अगर मामले की जांच की जाए तो इनके परत दर परत कई मामले सामने आने की संभावना है

दुकान संचालक को पहुँचाया लाभ लाखो के बिल लगाकर किया आहरण

वही बता दे कि पूर्व बीएमओ स्वप्निल तिवारी द्वारा एक ही फर्म मुकुन्द केंटिन के नाम पर माह दिसंबर वर्ष 2022 से मार्च वर्ष 2023 तक सिर्फ 4 माह में लगभग 2.50000 रु का व्यय सिर्फ नाश्ते खाने में व्यय किया गया है वही फर्म मुकुन्द कैंटीन को सिर्फ एक दिन में 900 लोगों के प्रशिक्षण हेतु नाश्ते पानी का 99000 रू और इसी फर्म को 600 मितानिनी के प्रशिक्षण हेतु 30,000 रु का भुगतान दर्शाया गया है जो कि पूर्णता असंभव एवं फर्जी है वही सिर्फ एक दिन में 500 लोगों का प्रशिक्षण दिया जाना संभव नहीं है और न ही इतने लोगों का उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर है सिर्फ फर्जी भुगतान हेतु प्रशिक्षण के नाम पर फर्जी बिल लगा कर आहरण किया किया गया वही बता दे माह जनवरी वर्ष 2023 में 16/01/23 17/01/23.और 18/01/23 में सिर्फ 3 दिवस में 26390 रु. का चाय, नाश्ते का खर्च भुगतान दर्शाया गया है वही दिनांक 09/02/23 को बिल क्रमांक 01 में लक्ष्य मीटिंग के नाम पर 8100 रू और 09/02/23 को बिल क 0.02 में लक्ष्य मिटिंग के नाम पर 8100 रु का भुगतान किया गया है वही दिनांक 09/02/23 को पुनः बिल लगाकर 9090 रू का भुगतान किया गया कुल भुगतान 25290 रू का किया गया है जहां आवेदक द्वारा शिकायत पत्र के माध्यम से शिकायत कर डा स्वपनिल तिवारी पूर्व बीएमओ के खिलाफ वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24, के सम्पूर्ण वित्तीय जाच कर दोषी पाये जाने पर FIR करने की मांग की गई थी परंतु समय बीत जाने के बावजूद अब तक ऐसे भ्रष्ट पूर्व बीएमओ पर कार्यवाही नही की गई आम जनों में मामले को लेकर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है लोगों द्वारा सरकार से काफी उम्मीदें जताई जा रही है कि ऐसे भ्रष्टाचार में लिप्त पूर्व बीएमओ पर तत्काल कार्यवाही की जाए जिससे सत्ता रूढ़ पार्टी सरकार के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ सके।

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