BREAKING: Mallikarjun Kharge’s demand from the Centre, Dr. Manmohan Singh’s last rites should be performed only where the memorial should be built…
दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सीपीपी अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और सांसद राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में शुक्रवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई. यह बैठक पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए बुलाई गई थी.
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस नेताओं ने चर्चा की कि दिवंगत पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के लिए उनके कद के अनुसार अंतिम संस्कार और स्मारक के लिए उचित स्थान दिया जाना चाहिए. इसे लेकर परिवार सरकार से बातचीत कर रहा है.
‘अंतिम संस्कार वहीं हो…’
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने भी केंद्र सरकार को पत्र लिखकर यह मांग की है. खड़गे ने पीएम को पत्र लिखा और पीएम और गृहमंत्री से बात भी की और अंतिम संस्कार और दाह संस्कार के लिए उचित जगह देने की अपील की. अपने पत्र में खड़गे ने लिखा कि अंतिम संस्कार वहीं किया जाना चाहिए जहां उनका स्मारक बनाया जा सके.
सरकार से बातचीत कर रहा परिवार
कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और मनमोहन सिंह का परिवार अंतिम संस्कार और स्मारक की जगह के लिए सरकार से बातचीत कर रहे हैं. देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार रात 92 साल की उम्र में निधन हो गया था.
दिल्ली में शक्ति स्थल के पास होगा अंतिम संस्कार
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार कल, शनिवार को सुबह 10-11 बजे दिल्ली में शक्ति स्थल के पास होगा. उनकी बेटी आज देर रात अमेरिका से दिल्ली पहुंचेंगी. डॉ. मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर दिल्ली के मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित उनके आवास पर रखा गया है. उनका पार्थिव शरीर कल रात एम्स से यहां लाया गया था.
21 तोपों की सलामी
भारत में पूर्व प्रधानमंत्री के अंतिम संस्कार के दौरान विशेष राजकीय प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है. इसका उद्देश्य देश के प्रति उनके योगदान और उनके पद की गरिमा का सम्मान करना होता है. अंतिम संस्कार से पहले पूर्व प्रधानमंत्री के पार्थिव शरीर को भारत के राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगे में लपेटा जाता है. इसके अलावा अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें 21 तोपों की सलामी भी दी जाती है. इस सलामी को सर्वोच्च राजकीय सम्मान का प्रतीक माना जाता है.

