BREAKING: In response to ‘Constitution Murder Day’, Congress will celebrate ‘Modi Mukti Diwas’ on June 4
नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इसको लेकर सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। तो वहीं, केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियों ने पलटवार करते हुए तीखा हमला बोला।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर लिखा, ‘नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री एक बार फिर हिपोक्रेसी से भरा एक हेडलाइन बनाने का प्रयास कर रहे हैं। भारत के लोगों से उन्हें 4 जून, 2024 व्यक्तिगत, राजनीतिक और नैतिक हार मिली थी। इस दिन को इतिहास में ‘मोदी मुक्ति दिवस’ के नाम से जाना जाएगा।’
जयराम रमेश ने आगे कहा कि इस हार से पहले उन्होंने दस सालों तक अघोषित आपातकाल लगा रखा था। यह वही नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने भारत के संविधान और उसके सिद्धांतों, मूल्यों एवं संस्थानों पर सुनियोजित ढंग से हमला किया है। यह वही नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री हैं जिनके वैचारिक परिवार ने नवंबर 1949 में भारत के संविधान को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि यह मनुस्मृति से प्रेरित नहीं था।
उन्होंने कहा कि यह वही नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री हैं जिनके लिए डेमोक्रेसी का मतलब केवल डेमो-कुर्सी है। वहीं, आप प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि 2014 से भाजपा ने हर दिन संविधान की हत्या की है। चंडीगढ़ मेयर चुनाव में अनिल मसीह ने संविधान की हत्या की। दिल्ली में, 9 साल की लंबी लड़ाई के बाद दिल्ली सरकार ने अपने तहत सेवाएं प्राप्त कीं।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने एक कानून लाया और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नकार दिया। संविधान की हत्या तब हुई जब भाजपा चुनावी बांड लेकर आई। तो वहीं, संविधान हत्या दिवस पर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि सालों बाद भाजपा अपनी जनविरोधी नीति, आपदाओं और देश की खराब स्थिति से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।

