CG BIG NEWS: After 4 hours of counseling, the boy hanged himself, what happened in the children’s room, the officers hiding
बिलासपुर। मुंगेली जिला के बालगृह के अधिकारियों ने 14 वर्षीय बालक की काउंसिलिंग की। इसके चार घंटे के बाद बालक ने बाथरूम में रस्सी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। बाल गृह के अन्य बच्चे बाथरूम गए तब शव फंदे पर लटकते हुए मिला। इसके बाद बच्चों ने अधिकारियों को जानकारी दी। आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं है। कलेक्टर ने इस मामले को न्यायिक जांच करने के निर्देश दिए।
मुंंगेली जिला का बालगृह में परवीन नेताम विश्राम नेताम(14) की गुस्र्वार की सुबह 11 बजे बालगृह के अधिकारियों ने काउंसिलिंग की। इसके बाद परवीन अपने कमरे में चला गया। दोपहर तीन बजे वह बाथरूम के अंदर गया। रस्सी से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। कुछ समय बाद अन्य बच्चे बाथरूम के अंदर गए तो परवीन का शव मिला। बच्चों ने अधिकारियों को सूचना दी। अधिकारियों ने पुलिस और जिला प्रशासन को घटना के बारे में जानकारी दी। पुलिस की टीम जांच करने बालगृह पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बाल गृह के बच्चों और अधिकारी-कर्मचारी से पूछताछ की। लेकिन सभी घटना के संबंध में जानकारी से इन्कार किया। घटना के संबंध में सूचना मिलते ही मंुगेली कलेक्टर राहुल देव बालगृह पहुंचे। वहां अधिकारी-कर्मचारियों से घटना के संबंंध में जानकारी ली। इसके बाद पूरे मामले की न्यायिक जांच करने के निर्देश दिए।
चार माह से बालगृह में था बालक –
पूछताछ में पता चला कि परवीन पहले बिलासपुर के बालगृह में था। चार माह पहले बिलासपुर से उसे मंुगेली बालगृह भेजा गया। तब से परवीन वहां रहता था। नियमानुसार वहां के अधिकारी-कर्मचारी समय-समय पर सभी बच्चों का काउंसिलिंग करते हैं। साथ ही बेहतर जीवन जीने के लिए समझाइश देते हैं।
पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं –
बालगृह के अधिकारियों ने बताया कि परवीन के पिता की मानसिक स्थिति खराब है। इसके चलते पिता ने उसे बेसहारा छोड़ दिया था। तब से परवीन को बाल गृह में रखा गया था। बालगृह में परवीन को अन्य बच्चों की तरह सभी सुविधाएं मिल रही थीं। उसका किसी से विवाद भी नहीं हुआ था।
काउंसिलिंग क्या हुआ, छिपा रहे अधिकारी –
पुलिस ने बताया कि गुस्र्वार की सुबह 11 बजे बालगृह के अधिकारियों ने परवीन को अपने कक्ष में बुलाकर काउंसिलिंग की थी। इस दौरान परवीन अकेला था। काउंसिलिंग करने वाले अधिकारी व स्टाफ ने उसके साथ क्या बात की, इसके बारे में किसी को पता नहीं चला है। अधिकारी भी काउंसिलिंग के दौरान हुई बातचीत को छिपा रहे हैं।

