Aaj Ka Panchang 29 अगस्त 2022 का पंचांग: चंद्रमा करेगा कन्या राशि में प्रवेश, बनेंगे 3 शुभ योग

Date:

उज्जैन. हिंदू धर्म में पंचाग का प्रचलन हजारों साल पहले से किया जा रहा है। पंचांग में न सिर्फ शुभ मुहूर्त बल्कि ग्रह-नक्षत्रों की गतियों के बारे में बताया गया है। पंचांग में वो सभी जानकारी आसानी से मिल जाती है, जो हमारे लिए जरूरी है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अंगों से मिलकर बनता है। इसीलिए इसे पंचांग कहते हैं- ये हैं करण, तिथि, नक्षत्र, वार और योग। शुभ मुहूर्तों की जानकारी भी हमें पंचांग से प्राप्त होती है। जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…

29 अगस्त का पंचांग (Aaj Ka Panchang 29 August 2022)
29 अगस्त 2022, दिन सोमवार को भाद्रमास मास के कृष्ण पक्ष की द्वितिया तिथि दोपहर 03:20 तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी, जो रात अंत तक रहेगी। सोमवार को सूर्योदय उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा, जो दिन भर रहेगा। सोमवार को उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र होने से श्रीवत्स नाम का शुभ योग दिन भर रहेगा। इसके अलावा साध्य और शुभ नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। इस दिन राहुकाल सुबह 07:45 से 09:19 तक रहेगा।

ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी…
सोमवार को चंद्रमा सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य सिंह राशि में रहेगा। बुध कन्या राशि में, मंगल वृष राशि में, शुक्र कर्क राशि में, शनि मकर राशि में (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि मजबूरी में यात्रा करनी पड़े तो शीशे में अपना चेहरा देखकर या कोई भी पुष्प खा कर घर से निकलना चाहिए।

29 अगस्त के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- भादौ
पक्ष- शुक्ल
दिन- सोमवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- उत्तरा फाल्गुनी
करण- कौलव और तैतिल
सूर्योदय – 6:11 AM
सूर्यास्त – 6:43 PM
चन्द्रोदय – Aug 29 7:40 AM
चन्द्रास्त – Aug 29 8:14 PM
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:02 से 12:52 तक

29 अगस्त का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड – 10:53 AM – 12:27 PM
कुलिक – 2:01 PM – 3:35 PM
दुर्मुहूर्त – 12:52 PM – 01:43 PM और 03:23 PM – 04:13 PM
वर्ज्यम् – 07:44 AM – 09:23 AM

हिंदू वर्ष का नौवां महीना है मार्गशीर्ष
पंचांग के अनुसार, हिंदू वर्ष का नौवां महीना मार्गशीर्ष है। इस महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र में होता है, इसलिए इस महीने का नाम मार्गशीर्ष रखा गया है। धर्म ग्रंथों में इस महीने का विशेष महत्व बताया गया है। इस महीने में संकष्टी गणेश चतुर्थी, कालभैरव जयंती, उत्पन्ना एकादशी, विवाह पंचमी, मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती सहित अन्य कई व्रत-उत्सव मनाए जाते हैं। इस महीने में शंख पूजा का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है।

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related