छत्तीसगढ़ में पहली बार रोबोट असिस्टेड सर्जरी

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रायपुर। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल द्वारा सर्जरी के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल की गई है। हॉस्पिटल रोबोट असिस्टेड सर्जरी का शुभारंभ करने जा रहा है। चिकित्सा विज्ञान में अब तक इसे सबसे अत्याधुनिक सर्जरी माना गया है। ये तकनीक केवल छत्तीसगढ़ ही नही बल्कि सारे मध्यभारत में पहली ऐसी तकनीक होगी जहां एक्स्पर्ट किसी रोबोट के माध्यम से सर्जरी करेंगे इसकी ख़ासियत यह होगी कि प्रिसीज़न के साथ-साथ इसमें मरीज़ को कम से कम चीरा लगेगा, घाव बहुत कम होगा, रक्त स्त्राव भी ना के बराबर रहेगा, फलस्वरूप रिकवरी बहुत जल्द होगी।

भारी देश के जाने-माने लेपेरोस्कोपिक सर्जन, डॉ. संदीप दवे ने मध्यभारत की अनेक प्रथम उपलब्धियों एवं नव-प्रवर्तनों के अनन्तर अब एक नये अध्याय, रोबोटिक सर्जरी का प्रारंभ करने के साथ प्रदेश में एक नई क्रांति लाने का प्रयास किया है। इसके श्रेय के पीछे उनका विगत 30 वर्षों का गहन अनुभव एवं शल्यक्रिया की परिष्कृत दक्षता को जाता है। रोबोटिक सर्जरी, मिनीमली इन्वेसिव सर्जरी जिसमें बिना किसी चीर-फाड़ के दूरबीन के माध्यम से ऑपरेशन किया जाता है का ही एक उन्नत एवं परिष्कृत प्रकार है जिसमें ऑपरेशन किये जाने वाले भाग का एक त्रियामी तथा अवर्धित प्रतिबिम्ब कैमरे के माध्यम से मॉनीटर पर दिखाई देता है। रोबोटिक सर्जरी का प्रमुख लाभ यह है कि सर्जन जब अपने हाथों से आेपन सर्जरी अथवा लेपेरोस्कोपिक सर्जरी करता है तो सर्जरी के औजार शरीर के कुछ विशेष स्थानों एवं गहराई तक पहुंचाने में अनेक कठिनाईयां तथा जटिलतायें उत्पन्न होने की आशंका रहती है जबकि रोबोटिक सर्जरी सर्जन बिना किसी थकान के अधिक परिशुद्धता के साथ सर्जरी की संपूर्ण प्रक्रिया संपन्न कर लेते है। दो वर्ष पूर्व के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में 2500, यूरोप में 500, जापान में 200, दक्षिण कोरिया में 100 और भारत में मात्र 50 रोबोटिक सर्जरी की मशीनें कार्यरत थी।

एक सेल्फ पॉवर्ड, स्वतः संचालित तथा कम्प्यूटर द्वारा नियंत्रित एक मशीन होती है। इसकी चार भुजाएं होती है जिसमें सर्जरी के औज़ार एवं कैमरा फिट रहते हैं। कम्प्यूटर में सर्जन स्वय अपने द्वारा की जाने वाली विशिष्ट सर्जरी का संपूर्ण प्रोग्रामिंग बनाकर लगा देते हैं तथा रोबोट सर्जन के आदेशों का पालन ठीक उसी प्रकार करता रहता है जैसे एक सेवक मालिक का इसलिए सर्जन और रोबोट के संबंध को मास्टर स्लेव रिलेशनशीप कहा जाता है। स्मरण रहे कि रोबोट स्वंय कोई निर्णय नहीं लेता बल्कि वह सर्जन द्वारा दिये जाने वाले आदेशों का पालन ही करता है।

4th जनरेशन रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी सिस्टम, छत्तीसगढ़ के साथ ही मध्यभारत की भी पहली अत्याधुनिक टेक्नालाॅजी होगी। रामकृष्ण केयर हाॅस्पिटल का लक्ष्य, अत्याधुनिक टेक्नालाॅजी के साथ, छत्तीसगढ़ व आस-पास के अंचल की जनता को उचित खर्च पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

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