एक साल में 212 गम्भीर कुपोषित बच्चे दाखिल किए गए एनआरसी में

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कुपोषण की दर में 7.75 प्रतिशत की कमी आई
धमतरी। जिले में 1102 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं, जहां पर दर्ज कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र भेजा जाता है। अप्रैल 2021 से 15 जून तक कुल 212 गम्भीर कुपोषित बच्चों को इन केन्द्रों (एनआरसी) में रखकर उन्हें पोषण आहार दिया गया, फलस्वरूप बच्चे इससे बाहर आ गए। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों का कुपोषण दूर करने पोषण आहार, जैसे- रेडी टू ईट, गर्म भोजन सहित विभिन्न पूरक आहार दिया जा रहा है, जिसके चलते जिले में कुपोषण दर में 7.75 प्रतिशत की कमी आई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती जगरानी एक्का ने बताया कि जिले में कुल 1106 आंगनबाड़ी केन्द्र स्वीकृत हैं जिनमें से 1102 संचालित हैं। इसी तरह जिले में पांच परियोजना कार्यालय संचालित हैं, जिनमें धमतरी शहरी, धमतरी ग्रामीण, नगरी, कुरूद और मगरलोड शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नगरी विकासखण्ड में दो नगरी व दुगली तथा शेष सभी ब्लॉक में एक-एक पोषण पुनर्वास केन्द्र स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित की जा रही है जिनमें कुल बेड की संख्या 45 है और जहां पर शून्य से छह वर्ष तक के गम्भीर कुपोषित बच्चों के साथ-साथ उनकी माताओं को भी रखकर पोषण आहार दिया जाता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इन केन्द्रों में अप्रैल 2021 से 15 जून 2022 तक कुल 212 बच्चों को भर्ती कराया गया। आंगनबाड़ी केन्द्र के द्वारा बच्चों में कुपोषण की स्थिति को कम करने के लिए रेडी टू ईट, गर्म भोजन सहित विभिन्न प्रकार के पूरक पोषक आहार भी प्रदाय किया जाता है। साथ ही मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान एवं फुलवारी योजनांतर्गत भी हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है जिससे बच्चे और गर्भवती महिलाएं स्वस्थ रहें और उनके कुपोषण के स्तर को कम किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान की शुरूआत में कुपोषित बच्चों की संख्या 11.33 प्रतिशत थी जो मई 2022 में घटकर 7.75 प्रतिशत हो गई है।

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