Health News: द‍िल्‍ली में Japanese Encephalitis वायरस का मामला, जानें लक्षण और बचाव के तरीके

Date:

Health News: नई दिल्‍ली। दिल्ली की हवा जहरीली हो चुकी है। ऐसे में लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य पर गंभीर असर देखने को म‍िल रहा है। इन्‍हीं सब के बीच दिल्‍ली में एक ऐसा मामला सामने आया है ज‍िससे लोगों के मन में उसी तरह डर बैठ गया है जैसे कोराना के आने पर हुआ था। दरअसल भारत की राजधानी द‍िल्‍ली में Japanese Encephalitis नामक बीमारी का मामला सामने आया है। ये बीमारी मच्‍छरों के काटने से फैलती है। ये दिमाग पर गहरा असर डालती है।

आपको बता दें कि‍ वेस्‍ट दिल्ली के 72 वर्षीय इंसान में इस बीमारी की पुष्टि हुई है। उन्‍हें 3 नवंबर को एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया था। अस्‍पताल में भर्ती मरीज डायबि‍टीज और अन्‍य बीमार‍ियों से पीड़ि‍त था। हालांक‍ि उन्‍हें उपचार के बाद 15 नवंबर को अस्‍पताल से ड‍िस्‍चार्ज कर दिया गया था। हालांकि यह एक “आइसोलेटेड” मामला है, लेकिन विशेषज्ञ इसे गंभीरता से लेने की सलाह दे रहे हैं।

एक वायरल संक्रमण है जापानी इंसेफेलाइटिस

सरकारी अधिकारियों ने जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए टीकाकरण, मच्छरों से बचाव और साफ-सफाई को अपनाने की सलाह दी है। उन्‍होंने भरोसा दिलाया है कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है। समाचार एजेंसी PTI को सूत्रों ने बताया क‍ि जापानी इंसेफेलाइटिस एक वायरल संक्रमण है, जो जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस के कारण होता है। यह वायरस मुख्य रूप से मच्छरों, खासकर Culex प्रजाति के मच्छरों के काटने से फैल रहा है।

ये हैं लक्षण

बुखार

सिर दर्द

उल्टी

दौरे पड़ना

लकवा मार जाना

2024 में सामने आए 1,548 मामले

जापानी इंसेफेलाइटिस संक्रमण सीधे द‍िमाग को प्रभावित करता है। ये बीमारी एशिया के ग्रामीण इलाकों में ज्‍यादा देखने को मिलती है। ये उस समय अपने चरम पर होती है जब मानसून का मौसम आता है और मच्छरों का प्रजनन बढ़ जाता है। 2024 के आंकड़ों के अनुसार, भारत के 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 1,548 मामले सामने आए हैं। अकेले असम में 925 मामले दर्ज किए गए। हालांक‍ि इस बीमारी में हर संक्रमित व्यक्ति में लक्षण नहीं दिखते हैं।

जान भी ले सकती है ये बीमारी

कई मामलों में तो ऐसा भी हुआ है क‍ि मरीज में हल्‍के लक्षण दिखें और वो जल्‍दी ठीक भी हो गए। हालांक‍ि गंभीर मामलों में इस बीमारी से मरीज की जान भी जा सकती है। Japanese Encephalitis से बचाव के लिए वैक्‍सीनेशन ही सबसे अच्‍छा जर‍िया हो सकता है। साल 2013 से, सरकार ने Japanese Encephalitis के खिलाफ टीके को यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल किया है। जहां पर इस बीमारी के ज्‍यादा मामले पाए गए हैं वहां वयस्कों के लिए भी वैक्‍सीन भी उपलब्ध है।

लक्षण दिखने पर च‍िक‍ित्‍सक से करें कंसल्‍ट

अगर आपको इस बीमारी से बचाव करना है तो मच्‍छरों से बचाव करें। आप घर में मच्‍छरदानी का उपयोग कर सकते हैं। कहीं भी पानी भरा न रहने दें। अगर आपको कोई भी लक्षण दिखाई दे या महसूस हो तो तुरंत च‍िक‍ित्‍सक के पास जाएं। उनसे जरूरी सलाह लें। Health Ministry ने नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल (NCVBDC) के दिशानिर्देशों के तहत सभी आवश्यक स्वास्थ्य कदम उठाए हैं।

 

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related

OPERATION SWADESH : ईरान से भारतीयों का एयरलिफ्ट शुरू ..

OPERATION SWADESH : Airlift of Indians from Iran begins. नई...

IRAN US ATTACK : ईरान पर हमला टला …

IRAN US ATTACK : Attack on Iran averted ... रायपुर...