DELHI ASSEMBLY ELECTION: Delhi Assembly Elections: Congress campaign intensifies, Rahul Gandhi will hold massive rallies
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की अगुवाई में प्रचार अभियान ने जोर पकड़ लिया है। सोमवार को हुई ऑनलाइन मीटिंग में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने स्थानीय नेताओं को आक्रामक तरीके से चुनाव प्रचार करने के निर्देश दिए।
मीटिंग की मुख्य बातें –
इस मीटिंग में राहुल गांधी ने स्थानीय नेताओं को फटकार लगाई और सवाल उठाए कि अब तक दिल्ली में अन्य राज्यों और वर्गों से आने वाले कांग्रेस नेता सक्रिय क्यों नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि केवल शीर्ष नेतृत्व पर निर्भर रहना सही नहीं है। साथ ही, बीजेपी और आम आदमी पार्टी के खिलाफ कांग्रेस का मजबूत नैरेटिव तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
मीटिंग में यह तय किया गया कि कांग्रेस की पांच गारंटियों को जोर-शोर से प्रचारित किया जाएगा। खासतौर पर महिलाओं और युवाओं के लिए की गई घोषणाओं को जनता तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई।
शामिल हुए वरिष्ठ नेता –
इस मीटिंग में कांग्रेस के दिल्ली इंचार्ज काजी निजामुद्दीन, प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव और दिल्ली प्रदेश के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष शामिल रहे। सभी ने पार्टी की रणनीति पर चर्चा की और तय किया कि रैलियों के जरिए पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत किया जाएगा।
राहुल गांधी की रैलियों का शेड्यूल –
राहुल गांधी की ताबड़तोड़ रैलियां इस हफ्ते दिल्ली में शुरू हो रही हैं :
22 जनवरी : सदर बाजार में पहली रैली। यहां मुस्लिम, दलित और ब्राह्मण वोटरों को साधने की कोशिश होगी।
23 जनवरी : मुस्तफाबाद में रैली, जो मुस्लिम बहुल इलाका है।
24 जनवरी : मादीपुर में अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट पर रैली, जहां सिख समुदाय पर भी कांग्रेस की नजर है।
कांग्रेस के प्रचार अभियान को गति देने की कोशिश –
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की सक्रियता से कांग्रेस ने दिल्ली में अपने पारंपरिक वोट बैंक को दोबारा जोड़ने की योजना बनाई है। पार्टी ने तय किया है कि महिलाओं और युवाओं के लिए घोषित गारंटियों के जरिए मतदाताओं को आकर्षित किया जाएगा।
क्या कांग्रेस दिल्ली में अपना पुराना जनाधार वापस पा सकेगी? यह देखने वाली बात होगी।
