AWARENESS : Alert on Akshaya Tritiya; report any minor weddings immediately.
रायपुर। बाल विवाह को लेकर एक बार फिर सख्त संदेश सामने आया है। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने साफ कहा है कि ये सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी का मामला है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि रामनवमी से अक्षय तृतीया के बीच बाल विवाह के मामले तेजी से बढ़ते हैं। कई बार तो हालात ऐसे होते हैं कि छोटे-छोटे बच्चे, जिन्हें अभी खेलना चाहिए, उनकी शादी करा दी जाती है।
डॉ. मिश्र का कहना है कि कम उम्र में शादी से बच्चों का बचपन छिन जाता है। लड़कियों की पढ़ाई रुक जाती है और कम उम्र में ही उन्हें मां बनने का बोझ उठाना पड़ता है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
उन्होंने ये भी साफ किया कि बाल विवाह न तो किसी धर्म में सही माना गया है और न ही समाज के लिए ठीक है। यह एक कुरीति है, जिसे खत्म करना जरूरी है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं भी नाबालिग की शादी होती दिखे तो तुरंत पुलिस या संबंधित समिति को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

