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CG GST AMENDMENT BILL : छत्तीसगढ़ में व्यापार और उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार

CG GST AMENDMENT BILL : Trade and industry will get new momentum in Chhattisgarh

रायपुर, 31 जुलाई 2025। छत्तीसगढ़ में कारोबार और निवेश को सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य विधानसभा में माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 पारित किया गया, जो जीएसटी व्यवस्था में व्यावसायिक प्रक्रियाओं को सहज बनाने और कर अपवंचन पर लगाम कसने के इरादे से लाया गया है।

इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को कानूनी राहत देना, कर मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करना और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करना है।

इनपुट टैक्स क्रेडिट को लेकर बड़ा संशोधन

विधेयक में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के प्रावधानों को स्पष्ट किया गया है। अब रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत प्राप्त ITC को इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से शाखाओं में वितरित किया जा सकेगा, जिससे कंपनियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और आसानी आएगी।

अपील में राहत: पूर्व जमा राशि घटाई गई

टैक्स डिमांड नहीं होने वाले प्रकरणों में अपील प्रस्तुत करने के लिए पूर्व डिपॉजिट की राशि 25% से घटाकर 10% कर दी गई है। इससे व्यापारियों को राहत मिलेगी और कानूनी प्रक्रिया अधिक सुलभ होगी।

वाउचर पर अब स्पष्ट नियम

जीएसटी वाउचर के कर निर्धारण को लेकर स्थिति अब स्पष्ट हो गई है। संशोधन के अनुसार, अब वाउचर रिडीम करते समय जीएसटी लागू होगा। इससे विभिन्न राज्यों की एडवांस रूलिंग में आ रही विसंगतियां समाप्त होंगी।

तंबाकू उत्पादों पर कड़ी निगरानी

ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम लागू कर तंबाकू और अन्य नियामित उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला पर सख्त निगरानी की जाएगी। सभी यूनिट पैकेट पर अब QR कोड लगाना अनिवार्य होगा, जिससे उत्पाद की संपूर्ण जानकारी डिजिटल रूप से ट्रैक की जा सकेगी।

सेज और वेयरहाउस में बड़ा सुधार

विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में वेयरहाउसिंग के दौरान वस्तुओं के बिना भौतिक मूवमेंट के बिक्री पर अब जीएसटी नहीं लगेगा। यह बदलाव निवेश को प्रोत्साहित करेगा और छत्तीसगढ़ को प्रतिस्पर्धी बनाएगा।

जीएसटी शब्दों में भी स्पष्टता

विधेयक में ‘प्लांट या मशीनरी’ की जगह अब ‘प्लांट और मशीनरी’ शब्द प्रयुक्त किया गया है। इसमें भवन शामिल नहीं होगा और ऐसे निर्माण पर ITC की पात्रता नहीं मिलेगी।

डिजिटल मोहर और विशिष्ट पहचान

डिजिटल मोहर, चिन्ह और ट्रैकिंग सिस्टम को कानूनी दर्जा दिया गया है जिससे उत्पादों की पहचान और सत्यापन आसान होगा।

छत्तीसगढ़ की जीएसटी में ऐतिहासिक उपलब्धियां

वर्ष 2024-25 में 16,299 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व प्राप्त, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38% है।

18% की वृद्धि दर के साथ राज्य देश में पहले स्थान पर।

ई-वे बिल की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 की गई, जिससे 26% छोटे व्यापारियों को लाभ हुआ।

43,612 नए जीएसटी पंजीकरण, अब केवल 2 दिन में प्रक्रिया पूर्ण।

33 जिलों में जीएसटी कार्यालय, पहले सिर्फ 15 जिलों में थे।

कर अपवंचन पर रोक के लिए AI, डेटा एनालिटिक्स और BI यूनिट का गठन।

माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 छत्तीसगढ़ में व्यापारिक माहौल को सशक्त करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। इससे कारोबार में पारदर्शिता बढ़ेगी, कर प्रणाली में सुधार होगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

 

 

 

 

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