CG PADDY AUCTION FAILURE : धान नीलामी में दोबारा फेल हुई सरकार, अब खराब हो रहे हैं गोदामों में रखे धान

CG PADDY AUCTION FAILURE : Government fails again in paddy auction, now paddy stored in godowns is getting spoiled
रायपुर, 2 मई 2025, संजीव अग्रवाल। CG PADDY AUCTION FAILURE छत्तीसगढ़ सरकार की धान नीलामी की कोशिश एक बार फिर नाकाम साबित हुई है। बीते वर्षों की तरह इस बार भी धान को बेहतर मूल्य नहीं मिल पाया, जिससे नीलामी की प्रक्रिया ठप पड़ गई। पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के समय भी ऐसा ही हुआ था, जब धान की नीलामी नहीं हो पाने के कारण लाखों क्विंटल धान गोदामों में सड़ने को मजबूर था।
CG PADDY AUCTION FAILURE जानकारी के अनुसार, 2023-24 का धान नीलामी के योग्य नहीं रह गया था और खराब हो चुका था। यह धान इतना खराब हो चुका था कि सरगुजा के जंगलों में हाथियों को खिलाने के लिए फेंका गया, लेकिन हाथियों ने भी उसे खाने से इनकार कर दिया। इस धान को अब “23-24 धान” के नाम से पहचाना जा रहा है। FCI (भारतीय खाद्य निगम) ने इस धान को लेने से मना कर दिया था, जिसके बाद इसे नान (नागरिक आपूर्ति निगम) के माध्यम से खपाया जा रहा है।
CG PADDY AUCTION FAILURE विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को 2024-25 के ताजा धान की जल्द से जल्द मिलिंग कराकर उसे ओपन मार्केट में बेचना चाहिए। इससे जहां धान की गुणवत्ता बेहतर रहेगी, वहीं सरकार को जीएसटी और अन्य टैक्सों के माध्यम से आर्थिक लाभ भी होगा।
CG PADDY AUCTION FAILURE गौरतलब है कि इस वर्ष राइस मिलरों की कस्टम मिलिंग रेट को लेकर करीब एक महीने की हड़ताल रही, जिससे मिलिंग प्रक्रिया में देरी हुई। यह भी धान नीलामी विफल होने का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
CG PADDY AUCTION FAILURE आज छत्तीसगढ़ का चावल महानगरों और विदेशों तक की मांग में है। ऐसे में यदि सरकार रणनीतिक तरीके से मिलिंग और विपणन करे, तो न सिर्फ धान की बर्बादी रुकेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।