दिल्ली में हार के बाद केजरीवाल का पंजाब पर फोकस, CM मान सहित विधायकों को दिए ये निर्देश

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नई दिल्ली। दिल्ली में पार्टी की करारी शिकस्त के साथ-साथ खुद भी चुनाव हारने के बाद आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के पार्टी विधायकों से एकजुट होकर काम करने को कहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मिली हार से बिल्कुल भी निराश न हों, पंजाब सरकार के बचे हुए दो साल में जी जान से काम करें। समय बहुत है, पंजाब को जीतना पार्टी की प्राथमिकता है, इसलिए जनता से किए सभी वादे पूरे करें।

केजरीवाल (Arvind Kejriwal) मंगलवार को कपूरथला हाउस में पंजाब के आप विधायकों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता के काम हर हाल में किए जाने चाहिए। अगर अधिकारियों का सहयोग न मिले तो इसके लिए सीधे उन्हें बताया जा सकता है। अब वह स्वयं भी राज्य पर पूरा ध्यान देंगे। उन्होंने दिल्ली का चुनाव बेहतर ढंग से लड़ने के लिए सभी को बधाई भी दी।

मालूम हो कि दिल्ली की सत्ता से बाहर होने के दो महज तीन दिन बाद पंजाब के विधायकों की यह बैठक सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बैठक के लिए पंजाब सरकार को सोमवार को होने वाली अपनी कैबिनेट बैठक भी स्थगित करनी पड़ी।

यहां यह भी दिलचस्प है कि बैठक का समय पूर्वाहन साढ़े 11 बजे था, केजरीवाल 12 बजे के आसपास आए और एक बजे के करीब निकल गए। हालांकि बताया जा रहा है कि बैठक करीब 10- 15 मिनट ही चली। मीडिया से बचने के लिए बैठक के बाद केजरीवाल कपूरथला हाउस के दूसरे दरवाजे से वापस निकल लिए। साफ है कि केजरीवाल पंजाब की राजनीति पर खास फोकस करेंगे और इसे पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार का आधार बनाएंगे।

पंजाब में टूट का दावा भी किया खारिज

बैठक के बाद मान और अन्य विधायकों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 35 विधायकों के कांग्रेस में जाने की चर्चाएं झूठी हैं। मान ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान पंजाब के नेताओं ने पार्टी के लिए कड़ी मेहनत की, जिसके लिए अरविंद केजरीवाल ने उनका आभार जताया। साथ ही उन्होंने पंजाब में विकास का एक नया मॉडल तैयार करने की रणनीति बनाई, जिसे आप पूरे देश में पेश करेगी।

नई दिल्ली के मानसिंह रोड स्थित कपूरथला हाउस में बैठक के बाद बाहर आकर मीडिया को संबोधित करते पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान साथ मौजूद पंजाब के आप विधायक। हरीश कुमार

विकास मॉडल पर देंगे जोर

मान (Bagwant Mann) ने बताया कि उनकी सरकार ने तीन वर्षों में बिना भ्रष्टाचार के 50,000 युवाओं को रोजगार दिया है। देश-विदेश की बड़ी कंपनियां पंजाब में निवेश कर रही हैं, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है। दिल्ली चुनाव में भाजपा पर आरोप लगाते हुए मान ने कहा कि वहां चुनाव के दौरान वोटरों को पैसे बांटे गए और गड़बड़ी की गई। हमें हर पांच-छह घंटे में चुनाव आयोग जाना पड़ता था, भाजपा के लोग गलत तरीके अपना रहे थे।”
पंजाब का सीएम नहीं बदलेगा

कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने दावा किया था कि आम आदमी पार्टी के 35 विधायक कांग्रेस में जाने वाले हैं। इस पर भगवंत मान ने कहा कि बाजवा पहले भी ऐसे बयान देते आए हैं, लेकिन हकीकत कुछ और है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस ने दिल्ली में कितने विधायक जीते?
भाजपा के इस आरोप पर कि केजरीवाल खुद को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने के लिए साजिश रच रहे हैं, मान ने हंसते हुए कहा,
“उन्हें जो कहना है कहने दो। हमारा फोकस जनता के लिए काम करने पर है।”

सरकारी योजनाओं पर फोकस

भगवंत मान ने बताया कि पंजाब सरकार जनता के पैसे को जनता पर ही खर्च कर रही है। उन्होंने कहा, “हमने 17 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं, जिससे रोजाना 62 लाख रुपये लोगों की जेब में बच रहे हैं। पहले एक विधायक को पांच-छह पेंशन मिलती थी, हमने इसे घटाकर सिर्फ एक कर दिया।
महिलाओं को एक हजार रुपये देने का वादा भी जरूर पूरा होगा।” पंजाब सरकार के मंत्री तनप्रीत सिंह शोंध ने बैठक के बाद कहा कि केजरीवाल सकारात्मक सोच रखते हैं। बैठक में पंजाब के विकास को लेकर अहम फैसले लिए गए। होशियारपुर से सांसद डा राजकुमार ने बताया कि पंजाब सरकार ने अपने 95 प्रतिशत वादे पूरे किए हैं।

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