CONGRESS MEETING BREAKING : कांग्रेस महासचिवों और प्रदेश प्रभारियों की अहम बैठक शुरू, भूपेश बघेल भी शामिल

CONGRESS MEETING BREAKING: Important meeting of Congress general secretaries and state in-charges begins, Bhupesh Baghel also participates
नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन में हाल ही में हुए बड़े बदलावों के बाद बुधवार को महासचिवों और प्रदेश प्रभारियों की अहम बैठक शुरू हो चुकी है। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित शीर्ष नेता शामिल हुए हैं। बैठक का मुख्य एजेंडा पार्टी संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनावों की रणनीति तय करना है।
बैठक में किन मुद्दों पर हो रही चर्चा?
– हाल के विधानसभा चुनावों की समीक्षा – खासकर दिल्ली और अन्य राज्यों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर मंथन किया जा रहा है।
– बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति – पार्टी आगामी बिहार चुनावों में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए रणनीति तैयार कर रही है।
– राज्यवार संगठन को मजबूत करने के उपाय – प्रदेश प्रभारियों को अपने-अपने राज्यों में संगठन की मजबूती के लिए ठोस निर्देश दिए जा रहे हैं।
संगठन में हाल ही में हुए बदलावों पर चर्चा
बैठक में हाल ही में कांग्रेस संगठन में किए गए बदलावों पर भी मंथन हो रहा है। पार्टी ने बीते शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और सैयद नासिर हुसैन को महासचिव बनाया था, जबकि रजनी पाटिल, बीके हरिप्रसाद और मीनाक्षी नटराजन समेत नौ नेताओं को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया था।
बैठक में भूपेश बघेल की भूमिका अहम
बैठक में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। माना जा रहा है कि संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए उनकी रणनीतिक समझ का लाभ पार्टी उठाने की कोशिश कर रही है।
नेताओं की संगठन से छुट्टी के बाद पहली बड़ी बैठक
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राजीव शुक्ला, मोहन प्रकाश, देवेंद्र यादव, अजय कुमार, दीपक बाबरिया और भारत सिंह सोलंकी को प्रदेश प्रभारियों के पद से हटा दिया था। हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और दिल्ली में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के चलते यह बदलाव किया गया था।
आगामी चुनावों पर कांग्रेस की नजर
इस अहम बैठक के जरिए कांग्रेस अपने संगठन को मजबूती देने और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की रणनीति तैयार करने में जुटी है। पार्टी की प्राथमिकता बिहार विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों में मजबूती से वापसी करना है।