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महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में दिखने लगा चक्रवाती तूफान वायु का असर , मुंबई में चल रही तेज हवाएं

मुंबई। गुजरात तट पर कल सुबह टकराने जा रहे अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान वायु का असर महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में दिखने लगा है। मुंबई में सुबह से ही तेज हवाएं चल रही हैं। इसके साथ ही पेड़ गिरने की घटनाएं भी देखी जा रही हैं। मुंबई समेत महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में मछुआरों को अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक वायु तूफान के 13 जून को गुजरात के तटीय इलाकों पोरबंदर और कच्छ क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है। इसके मद्देनजर 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। सेना भी तैयारियों में जुटी हैं।मुंबई में मौसम विभाग के उप महानिदेशक (डीडीजी) केएस होसलिकर का कहना है, ‘काफी तेज चक्रवाती तूफान अभी मुंबई से 280 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम क्षेत्र तक पहुंच चुका है। महाराष्ट्र के उत्तरी तट पर इसकी वजह से 50-60 से लेकर 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक दिनभर हवाएं चलेंगी। 12 और 13 जून को महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में समुद्र के किनारे हालात बिगड़ सकते हैं। समुद्र के बीचों पर खास ध्यान देने की जरूरत है। मछुआरों को चेतावनी जारी की जा चुकी है। तेज हवाओं की वजह से पेड़ गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।मुंबई में क्षेत्रीय मौसम अनुमान केंद्र के निदेशक बिश्वंभर सिंह का कहना है, ‘इस तूफान का मुंबई पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। शहर में हल्की बारिश हो सकती है और हवा की रफ्तार तेज होने की संभावना है।’ मुंबई में वायु का असर देखा जा रहा है। बुधवार सुबह तेज हवाओं की वजह से यहां कई पेड़ गिर गए। इस दौरान गिरे एक पेड़ की चपेट में मोटरसाइकल आ गई। बता दें कि मौसम विभाग का अनुमान है कि गुजरात के अलावा वायु चक्रवात का असर महाराष्ट्र, कर्नाटक और गोवा के इलाकों में भी पड़ सकता है। गुजरात में राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की 10 टुकड़ियों के अलावा एनडीआरएफ की 39 टीमों को तैनात किया गया है।गुजरात में वायु चक्रवात की रफ्तार 110 से 135 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। इसका लैंडफॉल (समुद्र तट से टकराने का स्थान) सौराष्ट्र तट के करीब होने का अनुमान है। अभी चक्रवात अपनी वर्तमान स्थिति से उत्तर की ओर (कोंकण तट से) सौराष्ट्र के पोरबंदर और महुवा के बीच बढ़ रहा है। चक्रवाती तूफान की वजह से कच्चे मकानों और कमजोर इमारतों को नुकसान, बिजली सप्लाइ प्रभावित होने के साथ ही निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका जताई जा रही है।तूफान से सबसे ज्यादा कच्छ, देवभूमि, द्वारका, पोरबंदर, राजकोट, जूनागढ़, दीव, गिर, सोमनाथ, अमरेली और भावनगर जिलों में नुकसान का अनुमान है। गुजरात के डेप्युटी सीएम नितिन पटेल ने मीडिया को बताया कि सौराष्ट्र इलाके के 10 जिलों के 408 गांवों में रहने वाली तकरीबन 60 लाख की आबादी के चक्रवात से प्रभावित होने की संभावना है।



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